Thursday, January 17, 2008

हे के सरा सरा !!


हे के सरा सरा सरा जो भी हो सो हो
हमें प्यार का हो आसरा फिर चाहे जो हो

नौजवानो बात मानो कभी किसी से ना प्यार करना
हे के सरा सरा सरा जो भी हो सो हो
हमें प्यार का हो आसरा फिर चाहे जो हो
प्यार ज़िंदगी प्यार हर ख़ुशी प्यार जिसने पाया है
वही दिल फूल जैसा खिला
प्यार गलती है प्यार धोखा है प्यार ढलती छाया है
देखो फिर न करना गिला
प्यार हि धड़कनों की कहानी है प्यार है हसीं दास्ताँ
प्यार अश्क़ों की देता निशानी है प्यार में है चैन कहाँ
प्यार की बात जिसने न मानी है
उसकी ना तो ज़मीं है न है आस्माँ
प्यार जैसे है पूरब\-पच्छिम प्यार है उत्तर\-दक्खिन
यहाँ है प्यार ही हर दिशा
प्यार रोग है प्यार दर्द है प्यार तोड़े दिल एक\-दिन
ये ही है प्यार का सिलसिला
प्यार से ही तो रंगीन जीवन है प्यार से ही दिल है जवाँ
प्यार काँटोँ का जैसे कोई बन है प्यार से ही ग़म का समाँ
प्यार से जाने क्यूँ तुझको उलझन है
प्यार तो सारी दुनिया पे है महरबाँ

1 comment:

  1. Meeru post chese anni paatalu na favourites....prati okkati chaala baavundi...thanks for posting...

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